➤ जी.एस. बाली की सेवा और विकास की विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं आरएस बाली : विनय कुमार
➤ जनसेवा और विकास की राजनीति ही स्वर्गीय जी.एस. बाली की सबसे बड़ी पहचान रही
➤ बाल मेले के मेडिकल कैंप को बताया मानवता और समाज सेवा का अनुकरणीय अभियान
विकास पुरुष श्री जीएस बाल मेले में आयोजित विशाल चिकित्सा शिविर में हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि विकास पुरुष स्वर्गीय जी.एस. बाली के साथ काम करने का अवसर उनके राजनीतिक जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक रहा है। उन्होंने कहा कि जब जी.एस. बाली प्रदेश सरकार में मंत्री थे, तब उन्हें उनके साथ बेहद करीब से काम करने का मौका मिला। जनसेवा के प्रति उनका समर्पण, विकास की दूरदृष्टि और आम लोगों के प्रति संवेदनशीलता उन्हें प्रदेश के सबसे लोकप्रिय नेताओं में शामिल करती थी। जी.एस. बाली बाल मेले के तीसरे दिन आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश कांग्रेस की प्रभारी रजनी पाटिल पधारीं।
विनय कुमार ने कहा कि जी.एस. बाली के निधन से हिमाचल प्रदेश ने एक दूरदर्शी नेता और जनसेवक को खो दिया, जिसकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। हालांकि यह संतोष की बात है कि उनके पुत्र आरएस बाली अपने पिता की सेवा और विकास की विरासत को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरएस बाली ने न केवल अपने पिता के कार्यों को आगे बढ़ाया है, बल्कि लोगों के बीच रहकर विश्वास का दायरा भी और मजबूत किया है।
‘जनता का विश्वास किसी भी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी पूंजी’
विनय कुमार ने कहा कि नगरोटा बगवां के लोगों ने जिस तरह स्वर्गीय जी.एस. बाली पर विश्वास जताया था, आज उससे भी अधिक स्नेह और भरोसा आरएस बाली को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि मैदान में वही खिलाड़ी सफल होता है, जो लगातार लोगों के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करता है। आरएस बाली भी उसी सोच के साथ क्षेत्र के विकास और जनकल्याण के कार्यों में जुटे हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास किसी भी जनप्रतिनिधि की सबसे बड़ी पूंजी होता है और आरएस बाली ने अपने कार्यों से इस विश्वास को लगातार मजबूत किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह भविष्य में भी इसी सेवा भावना के साथ क्षेत्र के विकास के लिए कार्य करते रहेंगे।
‘बाल मेला समाज सेवा का सबसे बड़ा मंच बन चुका है’
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि जी.एस. बाली बाल मेला आज केवल सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज सेवा का सबसे बड़ा मंच बन चुका है। यहां हर वर्ष हजारों जरूरतमंद लोगों को नि:शुल्क चिकित्सा सेवाएं, नेत्र जांच, मोतियाबिंद ऑपरेशन, दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण और वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
उन्होंने कहा कि उन्होंने स्वयं उन मरीजों से मुलाकात की, जिनकी आंखों की रोशनी लौटाने के लिए ऑपरेशन किए जा रहे हैं। जिन लोगों को देखने और सुनने में परेशानी है, उन्हें आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। ऐसे सेवा कार्य किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनसे हजारों लोगों के जीवन में वास्तविक बदलाव आता है।
‘जरूरतमंदों तक सम्मान के साथ पहुंच रही स्वास्थ्य सेवाएं’
विनय कुमार ने कहा कि दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए आवागमन, ठहरने और उपचार की बेहतर व्यवस्था की जाती है। यह आयोजन केवल इलाज तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद लोगों को सम्मान और नई उम्मीद देने का भी माध्यम बन चुका है।
उन्होंने कहा कि जी.एस. बाली की जनसेवा की सोच आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। आरएस बाली उसी विचारधारा को आगे बढ़ाते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं। यही स्वर्गीय जी.एस. बाली को सच्ची श्रद्धांजलि है।



